नैनो के दर्पण में

मेरा प्रयास है कि हम सभी भारतीय अपने ह्रदय के अन्तःस्थल से हिंदी का सम्मान करें तथा इसे बोल कर गर्व महसूस करें.

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alokranjan


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पिता

Posted On: 13 Nov, 2011  
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…………हमारा वैभवशाली बिहार…………

Posted On: 22 Oct, 2011  
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नारी की परिभाषा

Posted On: 21 Oct, 2011  
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Hello world!

Posted On: 21 Oct, 2011  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

बहुत सही कहा दोस्त, ये भी हो सकता है. लेकिन यह जो मैंने कहा है वो उस नारी के लिए है जो नारी-परिभाषा को पूर्ण करती है.और अगर सही तरीके से देखा जाए तो सृष्टि के शुभारम्भ से ही नारियों को वो अधिकार नहीं मिल पाया जो कि उन्हें मिलना चाहिए था.और उनका ये अधिकार-हनन हर किसी ने किया है चाहे वो नर हो या देव. उदहारण के तौर पर समुद्र मंथन के दैरान मिली अमृत को दानवों के चुंगल से लेने के लिए भगवान् विष्णु ने मोहिनी रूप अपनाया अर्थात नारी का एक अलग (या यों कहे गलत )रूप प्रस्तुत किया.अपने लक्ष्य पूर्ति के लिए उन्होंने तो नारी चरित्र में एक नया रूप जोड़ दिया और हर किसी के मन में ये भावना बैठ गयी कि त्रिया का ये मोहिनी रूप भी होता है ,जिससे वो किसी का नाश भी कर सकती है.

के द्वारा: alokranjan alokranjan




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